5 रिवर्सल चार्ट पैटर्न हिन्दी मे

5 ऐसे रिवर्सल चार्ट पैटर्न जो हाई प्रॉफिटेबल है। इन चार्ट पैटर्न का सही उपयोग कैसे करें। इन चार्ट पैटर्न को जाने और इनसे ट्रेड करना सीखे। क्या होते है चार्ट पैटर्न, कैसे काम करते है, चार्ट पैटर्न और कैंडल स्टिक पैटर्न में क्या अंतर है? इन सभी सवालों के जवाब आप भी जानना चाहते हो तो आर्टिकल को पूरा पढ़े। 

Chart pattern in Hindi












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चार्ट क्या होते है

पिछले आर्टिकल मे हमने कैंडल स्टिक पैटर्न के बारे में पढ़ा था। जब ये कैंडल स्टिक पैटर्न और कैंडल स्टिक को एक साथ जोड़ कर देखा जाता है तो ये चार्ट के रूप मे दिखता है। इसे ही चार्ट कहते है। चित्र मे देखे
चार्ट पैटर्न









जैसा चित्र में दिखाया गया है चार्ट कुछ इस तरह दिखते है। इस तरह का चार्ट आप अपने ब्रोकर के डैश बोर्ड पर चार्ट ऑप्शन पर क्लिक करने पर आपको देखने को मिल जाता है। इस चार्ट के अध्यन को ही टेक्निकल एनालिसिस कहते है।

चार्ट पैटर्न क्या होते है

हमने चार्ट को समझ लिया है। ये जो चार्ट है इन पर कैंडल प्राइस को दर्शाया जाता है। शेयर का प्राइज हमेशा बदलता रहता है। इसलिए इस प्राइस मूवमेंट के हिसाब से ये कैंडल भी ऊपर नीचे बनते है और अलग अलग आकृति बनाते है। इन आकृतियो को चार्ट पैटर्न कहते है। ये अलग अलग तरीके के होते है। 

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बाजार के जानकार इन चार्ट पैटर्न का उपयोग करके बाजार से मुनाफा कमाते है। हम भी इस मुनाफा कमाने वाली तकनीक को सीखते है। और इस तकनीक से पैसा कमाते है। 

चार्ट पैटर्न और कैंडल स्टिक पैटर्न में अंतर

कैंडल स्टिक पैटर्न कैंडल से मिलकर बने होते है। अगर आप जानना चाहते हो 5 हाई प्रॉफिटेबल कैंडल स्टिक पैटर्न के बारे में तो क्लिक करें। जबकि चार्ट पैटर्न कैंडल स्टिक पैटर्न से मिलकर बने होते है। 

 टॉप 5 चार्ट पैटर्न

5 ऐसे चार्ट पैटर्न को जानते है जो अक्सर चार्ट पे बनते है और हाई प्रॉफिटेबल होते है। हम ये जानेंगे कि इनमे एंट्री कब और कैसे लेते है और कब प्रॉफिट मार्जिन बुक करते है।

डबल बॉटम

ये चार्ट पैटर्न चार्ट बॉटम पर बनता है। इस चार्ट पैटर्न में प्राइस पहले नीचे जाता है फिर ऊपर जाता है उसके बाद फिर से नीचे आकर पिछले लो को छूता है और वहां से वापस लोट जाता है। इस तरह से एक डबल बॉटम तैयार होता है। 
डबल बॉटम








चित्र में दिखाए अनुसार एक डबल बॉटम बनता है। डबल बॉटम चार्ट के बॉटम पर ही बनाता। ये अक्सर चार्ट पर बनता है। 

डबल बॉटम चार्ट पर ट्रेड कैसे करें।

डबल बॉटम की पहचान होने पर ट्रेडिंग की बारी आती है। डबल बॉटम पर ट्रेडिंग करना तो बहुत आसान है। लेकिन इसका सही तरीका पता होने पर ही फेक ब्रेक आउट से बचा जा सकता है।

जब शेयर का प्राइज चित्र में दिखाए अनुसार नेक लाइन को ब्रेक करता है। तब इसमें रिस्क लेने वाले ट्रेडर एंट्री लेते है। एक बात हमेशा याद रखें जब ब्रेक आउट हो तो वॉल्यूम हाई होना चाहिए। हाई वॉल्यूम का मतलब बड़ी कैंडल से है। 

जो कम रिस्क लेने वाले ट्रेडर है। उनको रिटेस्ट का वेट करना चाहिए। जब शेयर प्राइज वापस रीटेस्ट पर जाएं तब वहां कोई कैंडल स्टिक पैटर्न बनना चाहिए। इस समय खरीदारी करने से नुकसान की संभावना कम रहती है। स्टॉप लॉस कैंडल स्टिक पैटर्न के नीचे का लगाया जाता है।
इस तरह से डबल बॉटम चार्ट पैटर्न पर ट्रेड किया जाता है।

डबल टॉप चार्ट पैटर्न 

 ये चार्ट पैटर्न डबल बॉटम कि तरह ही होता है। बस ये चार्ट पैटर्न चार्ट टॉप पर बनता है। इस चार्ट पैटर्न में प्राइस पहले टॉप बनाता फिर नीचे जाता है उसके बाद फिर से ऊपर आकर पिछले हाई को छूता है और वहां से वापस लोट जाता है। इस तरह से एक डबल टॉप तैयार होता है। 

डबल टॉप


चित्र में दिखाए अनुसार एक डबल टॉप बनता है। डबल टॉप चार्ट के टॉप पर ही बनाता। ये अक्सर चार्ट पर बनता है। 

डबल टॉप चार्ट पर ट्रेड कैसे करें।

डबल टॉप की पहचान होने पर ट्रेडिंग की बारी आती है। डबल टॉप पर ट्रेडिंग करना तो बहुत आसान है। लेकिन इसका सही तरीका पता होने पर ही फेक ब्रेक आउट से बचा जा सकता है।

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जब शेयर का प्राइज चित्र में दिखाए अनुसार नेक लाइन को ब्रेक करता है। तब इसमें रिस्क लेने वाले ट्रेडर खरीदारी करते है। एक बात हमेशा याद रखें जब ब्रेक आउट हो तो वॉल्यूम हाई होना चाहिए। हाई वॉल्यूम का मतलब बड़ी कैंडल से है। 

जो कम रिस्क लेने वाले ट्रेडर है। उनको रिटेस्ट का वेट करना चाहिए। जब शेयर प्राइज वापस रीटेस्ट पर जाएं तब वहां कोई कैंडल स्टिक पैटर्न बनना चाहिए। इस समय खरीदारी करने से नुकसान की संभावना कम रहती है। स्टॉप लॉस कैंडल स्टिक पैटर्न के नीचे का लगाया जाता है।
इस तरह से डबल टॉप चार्ट पैटर्न पर ट्रेड किया जाता है।

हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न

 ये चार्ट पैटर्न डबल बॉटम कि तरह ही होता है। इस चार्ट पैटर्न मे चार्ट बॉटम पर बनता है। इस चार्ट पैटर्न में प्राइस पहले बॉटम बनाता फिर ऊपर जाता है उसके बाद फिर से नीचे जाता और पिछले लो से नीचे जाकर नया लो बनाता है और वहां से वापस लोट जाता है। और वापस नीचे जाकर पहले वाले लो के ऊपर से प्राइस वापस लोट जाता है। इस तरह से एक हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न तैयार होता है। 
हेड एंड सोल्डर


चित्र में दिखाए अनुसार एक हेड एंड सोल्डर बनता है। हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न चार्ट के बॉटम पर ही बनाता। ये अक्सर चार्ट पर बनता है। 

हेड एंड सोल्डर चार्ट पर ट्रेड कैसे करें

हेड एंड सोल्डर की पहचान होने पर ट्रेडिंग की बारी आती है। हेड एंड सोल्डर पर ट्रेडिंग करना तो बहुत आसान है। लेकिन इसका सही तरीका पता होने पर ही फेक ब्रेक आउट से बचा जा सकता है।

जब शेयर का प्राइज चित्र में दिखाए अनुसार नेक लाइन को ब्रेक करता है। तब इसमें रिस्क लेने वाले ट्रेडर खरीदारी करते है। इसमें स्टॉपलॉस बड़ा होता है। एक बात हमेशा याद रखें जब ब्रेक आउट हो तो वॉल्यूम हाई होना चाहिए। हाई वॉल्यूम का मतलब बड़ी कैंडल से है। 

जो कम रिस्क लेने वाले ट्रेडर है। उनको रिटेस्ट का वेट करना चाहिए। जब शेयर प्राइज वापस रीटेस्ट पर जाएं तब वहां कोई कैंडल स्टिक पैटर्न बनना चाहिए। इस समय खरीदारी करने से नुकसान की संभावना कम रहती है। स्टॉप लॉस कैंडल स्टिक पैटर्न के नीचे का लगाया जाता है। इस समय खरीदी करने पर स्टॉपलॉस छोटा होता है। और टारगेट हेड की हाइट के बराबर होता है।इस तरह से हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न पर ट्रेड किया जाता है। 

इनवर्टेड हेड एंड सोल्डर

ये चार्ट पैटर्न हेड एंड सोल्डर कि तरह ही होता है। बस इस चार्ट पैटर्न में चार्ट टॉप पर बनता है। इस चार्ट पैटर्न में प्राइस पहले हाई बनाता फिर नीचे जाता है उसके बाद फिर से ऊपर जाता और पिछले हाई से ऊपर जाकर नया हाई बनाता है। और वहां से वापस लोट जाता है। और वापस ऊपर जाकर पहले वाले हाई के ऊपर से प्राइस वापस लोट जाता है। इस तरह से एक हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न तैयार होता है। 

इनवर्टेड हेड एंड सोल्डर


चित्र में दिखाए अनुसार एक हेड एंड सोल्डर बनता है। हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न चार्ट के टॉप पर ही बनाता।
 

 इनवर्टेड हेड एंड सोल्डर चार्ट पर ट्रेड कैसे करें


 इनवर्टेड हेड एंड सोल्डर की पहचान होने पर ट्रेडिंग की बारी आती है। हेड एंड सोल्डर पर ट्रेडिंग करना तो बहुत आसान है। लेकिन इसका सही तरीका पता होने पर ही फेक ब्रेक आउट से बचा जा सकता है।

जब शेयर का प्राइज चित्र में दिखाए अनुसार नेक लाइन को ब्रेक करता है। तब इसमें रिस्क लेने वाले ट्रेडर बिकवाली करते है। इसमें स्टॉपलॉस बड़ा होता है। एक बात हमेशा याद रखें जब ब्रेक आउट हो तो वॉल्यूम हाई होना चाहिए। हाई वॉल्यूम का मतलब बड़ी कैंडल से है। 

जो कम रिस्क लेने वाले ट्रेडर है। उनको रिटेस्ट का वेट करना चाहिए। जब शेयर प्राइज वापस रीटेस्ट पर जाएं तब वहां कोई कैंडल स्टिक पैटर्न बनना चाहिए। इस समय बिकवाली करने से नुकसान की संभावना कम रहती है। स्टॉप लॉस कैंडल स्टिक पैटर्न के नीचे का लगाया जाता है। इस समय बिकवाली करने पर स्टॉपलॉस छोटा होता है। इस तरह से हेड एंड सोल्डर चार्ट पैटर्न पर ट्रेड किया जाता है। इसका टारगेट इनवर्टेड हेड एंड सोल्डर के हेड के हाइट के बराबर होता है।

फ्लैग चार्ट पैटर्न

ये चार्ट पैटर्न भी कई बार चार्ट पर देखने को मिलते है। इस चार्ट पैटर्न की संरचना एक झण्डे के समान होती है। इसमें शेयर लगातार ऊपर की ओर जाता है। और वहां से धीरे धीरे नीचे आता है। और फिर वापस ऊपर की तरफ जाता है। चित्र में देखे।

फ्लैग चार्ट पैटर्न











चित्र में दिखाए अनुसार एक फ्लैग चार्ट पैटर्न का निर्माण होता है। फ्लैग का पोल बनने के बाद प्राइस एक चैनल में एक्यूमेलेट करता है। जब इस चैनल का ब्रेकआउट हाई वॉल्यूम से होता है तो इसमें खरीदी की जाती है। इसका स्टॉपलॉस ब्रेकआउट कैंडल का लो होता है। और टारगेट फ्लैग का पोल होता है। 

निष्कर्ष

ये थे 5 ऐसे चार्ट पैटर्न जो अक्सर चार्ट पर देखने को मिलते है। इसमें प्रोफिट हाई और रिस्क लो होता है। आप भी इन चार्ट पैटर्न को खोज कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है। इन चार्ट पैटर्न में ध्यान रखने वाली बात यह है की जब भी ब्रेकआउट हो तो ट्रेड लेने से बचे और रिटेस्ट पर ही ट्रेड करे। साथ में ये भी ध्यान रखे  की रिटेस्ट पर कोई न कोई कैंडल स्टिक पैटर्न भी बनना चाहिए। अगर रिटेस्ट पर कोई कैंडल स्टिक पैटर्न नही बन रहा है तो वह फेक ब्रेकआउट है।

कैसी लगी आपको ये जानकारी कॉमेंट में बताए अगर आप ट्रेडिंग सीखना चाहते है तो हमारी wesite www.rightinvestment90.com पर जाएं 

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